रायपुर। संवाददाता विनोद। छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सोमवार का दिन राहत और खुशी लेकर आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश के 1 लाख 45 हजार 841 पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर करेंगे। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में पहुंचेगी।
सरकार के अनुसार, श्रम विभाग की 18 श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 39 करोड़ 67 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतों में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
200 मेधावी बच्चों का होगा सम्मान
कार्यक्रम में श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में पढ़ाई कर रहे ऐसे विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने स्कूली मेरिट और खेलकूद के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है।
इसके अलावा वर्ष 2026-27 में कक्षा छठवीं में प्रवेश लेने वाले 200 प्रतिभावान विद्यार्थियों का भी सम्मान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने से उनके भविष्य के बेहतर अवसर तैयार होंगे।
श्रमिक परिवारों को सीधे मिलेगा लाभ
सरकार द्वारा सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से लाभार्थियों को राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी। DBT व्यवस्था के जरिए सरकारी सहायता सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस आर्थिक सहायता से श्रमिक परिवारों को अपनी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। खासतौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ सीधे परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहेंगे मौजूद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि श्रमिकों और उनके परिवारों का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए — संवाददाता विनोद





















