टोरंटो/ओटावा। संवाददाता विनिता चौहान।
यूक्रेन युद्ध के बाद लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का असर किस तरह लंबे समय तक बना रह सकता है, इसका एक बड़ा उदाहरण कनाडा के टोरंटो एयरपोर्ट पर देखने को मिल रहा है। रूस का विशाल कार्गो विमान Antonov An-124 पिछले करीब चार वर्षों से टोरंटो के पियरसन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा है। विमान को वापस रूस ले जाने की कोशिश कर रही रूसी एयरलाइन वोल्गा-डनेपर एयरलाइंस को कनाडाई फेडरल कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है।
कनाडा की ओर से रूसी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण यह विमान उड़ान नहीं भर पा रहा है। अब कनाडा सरकार ने विमान को जब्त करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने रूस और कनाडा के बीच चल रहे राजनीतिक एवं कानूनी विवाद को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
चीन से माल लेकर टोरंटो पहुंचा था विमान
रिपोर्ट के मुताबिक Antonov An-124 विमान 27 फरवरी 2022 को चीन से माल लेकर टोरंटो पहुंचा था। विमान में कोविड-19 रैपिड टेस्ट किट्स की एक बड़ी खेप कनाडा लाई गई थी। इसी समय रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद कनाडा समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक और विमानन संबंधी प्रतिबंधों को सख्त कर दिया।
रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के तहत कनाडा ने अपने हवाई क्षेत्र में रूसी विमानों के प्रवेश और उड़ान पर रोक लगा दी। परिणामस्वरूप टोरंटो पहुंच चुका यह विशाल मालवाहक विमान वहीं खड़ा रह गया।
चार साल से नहीं भर सका उड़ान
Antonov An-124 दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक विमानों में गिना जाता है। भारी और बड़े आकार के सामान को लंबी दूरी तक ले जाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण यह विमान पिछले करीब चार वर्षों से टोरंटो एयरपोर्ट से उड़ान नहीं भर सका है।
कनाडा सरकार की ओर से लागू किए गए विमानन प्रतिबंधों के कारण रूसी पंजीकरण, स्वामित्व अथवा रूसी संस्थाओं से जुड़े विमानों को कनाडाई हवाई क्षेत्र में उड़ान की अनुमति नहीं है। इसी नियम की वजह से विमान को वापस रूस ले जाना संभव नहीं हो पाया।
रूसी एयरलाइन ने मांगी विमान की वापसी
विमान का संचालन करने वाली वोल्गा-डनेपर एयरलाइंस ने कनाडाई अदालत में विमान पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। एयरलाइन का कहना था कि उसे अपना विमान वापस रूस ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
लेकिन कनाडा की फेडरल कोर्ट ने एयरलाइन की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के फैसले के बाद विमान की स्थिति और भी जटिल हो गई है तथा कनाडा सरकार द्वारा इसे जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।
एयरपोर्ट फीस का भी बढ़ता गया बोझ
इस विमान के लंबे समय तक टोरंटो एयरपोर्ट पर खड़े रहने के कारण एयरपोर्ट से संबंधित शुल्क भी लगातार बढ़ता गया। रिपोर्ट के अनुसार वोल्गा-डनेपर एयरलाइंस पर 10 लाख डॉलर से अधिक की एयरपोर्ट फीस बकाया हो चुकी है।
रूसी एयरलाइन विमान की वापसी या इसके बदले करीब 100 मिलियन डॉलर के मुआवजे की मांग कर रही है। हालांकि, मौजूदा कानूनी और राजनीतिक परिस्थितियों में इस मांग पर तत्काल सहमति बनती दिखाई नहीं दे रही है।
प्रतिबंधों ने बदली विमान की किस्मत
यह पूरा मामला रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की जटिलता को दर्शाता है। एक ओर रूस की एयरलाइन अपने विमान को वापस लेना चाहती है, वहीं दूसरी ओर कनाडा सरकार अपने प्रतिबंधों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है।
चार साल पहले जो विमान एक सामान्य कार्गो उड़ान के तहत चीन से कनाडा पहुंचा था, वह अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति, प्रतिबंधों और कानूनी विवाद का हिस्सा बन चुका है।
अब क्या होगा?
कनाडाई कोर्ट द्वारा रूसी एयरलाइन की याचिका खारिज किए जाने के बाद विमान की वापसी फिलहाल मुश्किल दिखाई दे रही है। कनाडा सरकार की ओर से जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की स्थिति में विमान का भविष्य और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
Antonov An-124 जैसे विशाल विमान को लंबे समय तक एयरपोर्ट पर खड़ा रखना न केवल आर्थिक रूप से महंगा है, बल्कि इसके रखरखाव और संचालन से जुड़े सवाल भी खड़े होते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कनाडा सरकार विमान को लेकर आगे क्या कानूनी कदम उठाती है और रूस की एयरलाइन इस फैसले के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई करती है या नहीं।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए संवाददाता विनिता चौहान की रिपोर्ट।





















