टीकमगढ़ | संवाददाता अतुल अग्निहोत्री
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का टीकमगढ़ दौरा उस समय खास चर्चा का विषय बन गया, जब शहर से गुजरते हुए उन्होंने अचानक अपना काफिला रुकवा दिया। सिंधी धर्मशाला के पास मुख्यमंत्री की नजर एक स्थानीय लस्सी की दुकान पर पड़ी। इसके बाद वे बिना किसी औपचारिकता के दुकान पर पहुंचे और वहां लस्सी का स्वाद लिया।
मुख्यमंत्री के इस सहज अंदाज को देखकर आसपास मौजूद लोग भी उत्सुक हो गए। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने केवल स्वयं लस्सी नहीं पी, बल्कि अपने साथ चल रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को भी लस्सी पिलाई।
लस्सी का स्वाद पसंद आया, दुकानदार की तारीफ
स्थानीय दुकान पर लस्सी पीने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उसके स्वाद की सराहना की। उन्होंने दुकान संचालक जय सिंधी से बातचीत भी की और उनके व्यवसाय के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में दुकानदार से पूछा कि प्रतिदिन कितनी मात्रा में लस्सी बिक जाती है और दुकान का कारोबार किस तरह चलता है। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार देखकर वहां मौजूद लोग काफी प्रभावित नजर आए।
दुकानदार ने पैसे लेने से किया इनकार
लस्सी पीने के बाद मुख्यमंत्री ने दुकानदार को पैसे देने की बात कही। सम्मान के कारण दुकानदार ने पैसे लेने से इनकार कर दिया। हालांकि मुख्यमंत्री ने दुकानदार से लस्सी की कीमत स्वीकार करने का आग्रह किया।
बातचीत के बाद दुकानदार ने अंततः लस्सी के पैसे स्वीकार कर लिए। इस दौरान मुख्यमंत्री और दुकानदार के बीच सहज बातचीत का माहौल बना रहा।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। टीकमगढ़ में अचानक काफिला रोककर स्थानीय दुकान पर पहुंचने और आम लोगों की तरह लस्सी पीने का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस घटना की चर्चा होने लगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह छोटा-सा ठहराव उनके सहज और आम लोगों के बीच घुल-मिलकर रहने वाले अंदाज की झलक के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के लिए भी यह एक यादगार पल रहा कि मुख्यमंत्री का काफिला अचानक उनके बीच रुका और मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदार से बातचीत कर उसकी लस्सी का स्वाद लिया।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए — संवाददाता अतुल अग्निहोत्री





















