रिपोर्ट: विनिता चौहान, संवाददाता प्रकाशन: ग्रामीण भारत न्यूज स्थान: रायपुर
रायपुर (ग्रामीण भारत न्यूज): छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण विकास, बालिका शिक्षा, स्वच्छता और श्रमिकों के कल्याण को एक नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक और बड़े कदमों का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महानदी भवन से ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) के तहत प्रदेशव्यापी ‘मेरी बेटी मेरा अभिमान’ अभियान का भव्य शुभारंभ किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर सृजित कर गांवों की तस्वीर बदलना है।
प्रमुख घोषणाएं एवं मुख्य बिंदु (Highlights)
- बालिका स्वच्छता: प्रदेश के स्कूलों में 6,671 नए बालिका शौचालयों का निर्माण।
- विशेष अभियान: 15 अगस्त से 26 जनवरी 2027 तक चलेगा वृहद राज्यव्यापी अभियान।
- श्रमिक कल्याण: मजदूरों को ₹300 की दैनिक मजदूरी और भुगतान सीधे एडवांस में करने की व्यवस्था।
- अंतिम संस्कार में सम्मान: 6,524 से अधिक गांवों में प्रतीक्षालय युक्त आधुनिक मुक्तिधाम का निर्माण।
- जल संरक्षण: 10,027 बंद पड़े बोरवेलों को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष उपाय।
‘मेरी बेटी मेरा अभिमान’ और ग्रामीण अधोसंरचना का विकास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान व स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त से 26 जनवरी 2027 तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत:
- बालिका शौचालय: 286.85 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और ड्रॉपआउट रेट में कमी आए।
- आधुनिक मुक्तिधाम: गांवों में अंतिम संस्कार की सुचारू व्यवस्था के लिए 391.44 करोड़ रुपये की लागत से 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय युक्त मुक्तिधाम बनाए जाएंगे। इसके अलावा 549 अन्य मुक्तिधामों के निर्माण को भी तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
- जल संरक्षण: गिरते भूजल स्तर को सुधारने और जल संरक्षण को मजबूती देने के लिए प्रदेश के 10,027 बंद पड़े बोरवेलों को उपयोगी बनाया जाएगा। इनमें ‘रिचार्ज पिट’ और ‘सैंड फिल्टर’ लगाए जाएंगे ताकि बारिश का पानी सीधे जमीन के अंदर जा सके।
श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक फैसला: एडवांस पेमेंट और ₹300 मजदूरी
इस योजना का सबसे क्रांतिकारी पहलू श्रमिकों के हित में लिया गया निर्णय है। पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुई ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ में अब सभी ग्रामीण विकास कार्य ग्राम सभा की सर्वसम्मति और मंजूरी से ही तय किए जाएंगे।
- एडवांस भुगतान की सुविधा: मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि अब श्रमिकों को काम के बदले अग्रिम (एडवांस) भुगतान किया जाएगा। यदि अधिकारियों की लापरवाही से भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों की सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।
- मजदूरी में वृद्धि: श्रमिकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उनकी दैनिक मजदूरी बढ़ाकर ₹300 कर दी गई है।
बजट और आवंटन: चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य को लगभग 6,855 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि प्राप्त होगी। विकास कार्यों को तुरंत गति देने के लिए इसमें से 1,538 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत भी हो चुकी है।
किसानों और कृषि कार्यों के लिए विशेष राहत
अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण रोजगार योजनाओं के कारण कृषि कार्य के समय किसानों को खेत में काम करने वाले मजदूर नहीं मिल पाते हैं। इस बड़ी समस्या का समाधान करते हुए सरकार ने यह प्रावधान किया है कि कृषि कार्यों के पीक सीजन (बुवाई-कटाई) के दौरान साल में 60 दिन तक योजना के कार्य स्थगित रखे जाएंगे, ताकि खेतों के लिए श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
318 प्रकार के कार्यों से संवरेगा ग्रामीण अंचल
‘वीबी-जी राम जी’ योजना केवल सड़कों या नालियों तक सीमित नहीं है। गांवों की पूरी तस्वीर बदलने के लिए इस योजना के तहत कुल 318 विभिन्न श्रेणियों के कार्यों को शामिल किया गया है। इन कार्यों का विस्तृत वर्गीकरण इस प्रकार है:
- जल संरक्षण कार्य: 107 प्रकार के कार्य
- ग्रामीण अधोसंरचना विकास: 90 प्रकार के कार्य
- आजीविका संवर्धन (रोजगार सृजन): 86 प्रकार के कार्य
- आपदा प्रबंधन व जलवायु अनुकूलन: 35 प्रकार के कार्य
महानदी भवन में आयोजित इस गरिमामयी शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा और योजना के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस योजना को ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए एक मील का पत्थर बताया।
(ग्रामीण भारत न्यूज के लिए संवाददाता विनिता चौहान की विशेष रिपोर्ट)





















