रायपुर/कवर्धा, छत्तीसगढ़ | संवाददाता विनोद चौहान
छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बड़ी संख्या में पद रिक्त रह जाने का दावा करते हुए अभ्यर्थी अब इन पदों को दूसरी चयन सूची अथवा प्रतीक्षा सूची के माध्यम से भरने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन, धरना और रैलियों का दौर जारी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस विभाग में आरक्षकों के हजारों पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरण पूरे होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी गईं, लेकिन सभी स्वीकृत पदों पर भर्ती नहीं हो सकी। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का दावा है कि करीब 1,600 पद रिक्त रह गए हैं और इन पदों को प्रतीक्षा सूची या दूसरी चयन सूची के जरिए भरा जा सकता है।
दूसरी चयन सूची जारी करने की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि सरकार पुलिस आरक्षक भर्ती की दूसरी चयन सूची जल्द जारी करे। उनका कहना है कि जब भर्ती प्रक्रिया में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध हैं और पद खाली हैं, तो रिक्त पदों को भरने के लिए प्रतीक्षा सूची का उपयोग किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित चरणों में हिस्सा लिया है। कई उम्मीदवारों को मामूली अंतर के कारण अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं मिल पाया। ऐसे अभ्यर्थियों को रिक्त पदों के विरुद्ध अवसर दिए जाने की मांग की जा रही है।
कवर्धा में भी जोरदार प्रदर्शन
पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों ने हाल ही में कवर्धा में भी प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में युवा भारत माता चौक से कलेक्ट्रेट की ओर रैली लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, जिसके बाद अभ्यर्थी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और गृह विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर रिक्त पदों को दूसरी चयन सूची के माध्यम से भरने की मांग रखी।
रायपुर के तूता धरना स्थल पर भी आंदोलन
राजधानी रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर भी पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों द्वारा आंदोलन किए जाने की जानकारी सामने आई है। यहां अभ्यर्थी भर्ती की दूसरी सूची जारी करने और रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष अपनी मांग रख रहे हैं। उनका आरोप है कि रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने से बड़ी संख्या में योग्य युवाओं के रोजगार का अवसर प्रभावित हो रहा है।
करीब 5,967 पदों की भर्ती का मामला
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में कुल 5,967 पदों को शामिल किया गया था। अब अभ्यर्थी दावा कर रहे हैं कि प्रक्रिया के बाद लगभग 1,600 पद खाली रह गए हैं।
हालांकि रिक्त पदों की अंतिम संख्या और उन्हें दूसरी चयन सूची से भरने का निर्णय संबंधित विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड और शासन के निर्णय पर निर्भर करेगा। इसलिए अभ्यर्थियों द्वारा बताए जा रहे आंकड़े और सरकारी स्तर पर जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी में अंतर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
युवाओं का तर्क—खाली पदों पर क्यों नहीं हो भर्ती?
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का मुख्य सवाल यही है कि जब पुलिस विभाग में पद स्वीकृत हैं और भर्ती प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, तो रिक्त रह गए पदों को भरने के लिए प्रतीक्षा सूची का विकल्प क्यों नहीं अपनाया जा रहा है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं। पुलिस भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं ने लंबे समय तक तैयारी और शारीरिक प्रशिक्षण किया है। ऐसे में रिक्त पदों पर उन्हें अवसर मिलने से युवाओं को रोजगार मिल सकता है और पुलिस विभाग में भी रिक्तियां कम हो सकती हैं।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
अब आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की नजर राज्य सरकार और गृह विभाग के अगले कदम पर है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार उनकी मांग पर स्पष्ट निर्णय लेते हुए रिक्त पदों की स्थिति सार्वजनिक करे और पात्रता के नियमों के अनुसार दूसरी चयन सूची अथवा प्रतीक्षा सूची जारी करने पर विचार करे।
अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से अभ्यर्थियों के एकजुट होने की खबरों के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े युवाओं में बढ़ी उम्मीद
पुलिस भर्ती में शामिल युवाओं के लिए दूसरी सूची की मांग केवल नौकरी पाने का विषय नहीं है, बल्कि उनके लंबे समय से किए गए प्रयास और भविष्य की उम्मीदों से भी जुड़ी हुई है। कई अभ्यर्थी चयन सूची में कुछ अंकों के अंतर से बाहर रह गए हैं और अब रिक्त पदों को अवसर के रूप में देख रहे हैं।
वहीं, सरकार के सामने यह चुनौती भी है कि किसी भी अतिरिक्त चयन सूची को भर्ती नियमों, आरक्षण व्यवस्था, पदों की स्वीकृत संख्या और विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप ही जारी किया जाए।
आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस आरक्षक भर्ती में वास्तव में कितने पद रिक्त हैं और उन पदों को भरने के लिए शासन क्या निर्णय लेता है। यदि सरकार रिक्त पदों की पुष्टि करते हुए दूसरी चयन सूची या प्रतीक्षा सूची जारी करने का निर्णय लेती है, तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है।
दूसरी ओर, यदि विभाग की ओर से ऐसी सूची जारी करने का प्रावधान नहीं माना जाता है, तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अभ्यर्थियों और सरकार के बीच संवाद इस पूरे मामले का महत्वपूर्ण रास्ता बन सकता है।
ग्रामीण भारत न्यूज की नजर इस मामले से जुड़े आगामी सरकारी आदेश, विभागीय निर्णय और आधिकारिक भर्ती अपडेट पर बनी हुई है। आधिकारिक रूप से नई जानकारी सामने आने पर पाठकों को इसकी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
संवाददाता — विनोद चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज





















