रायपुर। संवाददाता विनोद चौहान।
देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में आज मूसलाधार बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी, निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
न्यूज ऑन AIR की 23 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और विदर्भ में भी दिनभर तेज बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, माहे और पूर्वोत्तर भारत में अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश को लेकर सतर्कता
छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद बारिश प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार तेज बारिश की स्थिति में ग्रामीण इलाकों की छोटी-बड़ी नदियों और नालों में अचानक पानी बढ़ सकता है। इसके अलावा निचले क्षेत्रों में पानी भरने, कच्चे रास्तों के खराब होने तथा आवागमन प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
खासतौर पर नदी-नालों के किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। तेज बारिश के दौरान पुल-पुलिया अथवा रपटे के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में उसे पार करने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।
ओडिशा में भी भारी बारिश की चेतावनी
छत्तीसगढ़ के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दोनों राज्यों के कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज होने से बारिश का प्रभाव दिखाई दे सकता है।
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तथा पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से लगे कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम की संभावना भी जताई है। समुद्र में जाने वाले मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां विशेष सावधानी की मांग करती हैं।
कई राज्यों में तेज बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और विदर्भ में भी दिनभर तेज वर्षा हो सकती है। वहीं मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, माहे और पूर्वोत्तर राज्यों में आगामी दो से तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मानसून की सक्रियता के कारण कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने, तेज बारिश और स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। किसानों के लिए बारिश कई इलाकों में राहत लेकर आ सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने तथा फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।
आंधी-बिजली को लेकर भी अलर्ट
मौसम विभाग ने केवल बारिश ही नहीं, बल्कि कई राज्यों में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ तूफान की आशंका भी जताई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मंगलवार तक गरज-चमक तथा तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की संभावना बताई गई है।
ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों के आसपास या कमजोर निर्माण वाले स्थानों पर खड़े होने से बचना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है।
बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब रहने के आसार
बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी मौसम के अस्थिर रहने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम की स्थिति बन सकती है।
समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह के अनुसार ही गतिविधियां संचालित करने की जरूरत है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
भारी बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में नदी, नाला या जलाशय का जलस्तर बढ़ रहा हो तो उसके आसपास जाने से बचना जरूरी है। बच्चों को भी बारिश के दौरान जलभराव वाले स्थानों, नालों और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने देना चाहिए।
ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क और मोबाइल नेटवर्क जैसी सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को जरूरी सामान और आपातकालीन संपर्क नंबर अपने पास रखने चाहिए।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण चेतावनी
छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में खेती पूरी तरह मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। सामान्य बारिश जहां खरीफ फसलों के लिए लाभकारी है, वहीं लगातार अत्यधिक बारिश खेतों में जलभराव पैदा कर सकती है। धान के खेतों के साथ-साथ सब्जी और अन्य फसलों पर भी अत्यधिक पानी का असर पड़ सकता है।
किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि उपकरण, खाद-बीज तथा अन्य आवश्यक सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने की जरूरत
ऑरेंज अलर्ट का मतलब ऐसी मौसम स्थिति से है जिसमें भारी मौसम संबंधी प्रभाव की संभावना रहती है और लोगों तथा संबंधित विभागों को सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। इसलिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।
ग्रामीण भारत न्यूज अपने पाठकों से अपील करता है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अफवाहों पर विश्वास न करें और मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले जिला प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अलर्ट को प्राथमिकता दें।
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संवाददाता — विनोद चौहान





















