विशेष संवाददाता: विनिता चौहान, रायगढ़
दिनांक: 02 अगस्त 2026
रायगढ़। वर्तमान समय में जहाँ समाज कई बार भौतिकतावादी दौड़ और एकाकीपन का शिकार होता दिख रहा है, वहीं रायगढ़ जिले के चौहान समाज के युवाओं ने एक अभूतपूर्व और अत्यंत प्रेरणादायी पहल की है। रविवार, 2 अगस्त को ‘फ्रेंडशिप डे’ (मित्रता दिवस) के पावन अवसर पर, चौहान समाज के युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठजनों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया।
एनएच-49 झारसुगुड़ा रोड स्थित टोल प्लाजा के समीप आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में वृहद वृक्षारोपण किया गया। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता, रक्तदान जैसे पुनीत कार्य और सामाजिक एकता का एक अत्यंत सशक्त संदेश पूरे प्रदेश और देश को देना था।
इस गरिमामयी और ऐतिहासिक कार्यक्रम में रायगढ़ नगर निगम के महापौर, श्री जीवर्धन चौहान जी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके कर कमलों द्वारा विधिवत पौधारोपण कर इस कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। अपनी जड़ों से जुड़े रहने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने का यह अनूठा प्रयास, फ्रेंडशिप डे को एक नितांत नया और सार्थक आयाम दे गया। चौहान समाज ने यह साबित कर दिया कि सबसे पहली और सच्ची मित्रता हमारी इस प्रकृति से होनी चाहिए जो हमें जीवनदायिनी वायु प्रदान करती है।
पर्यावरण संरक्षण: हरियाली और जीवन का संकल्प
औद्योगिक नगरी रायगढ़ में जहाँ प्रदूषण एक विकराल रूप धारण कर चुका है, वहाँ पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी मांग है। महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि “पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।” उन्होंने चौहान समाज के युवाओं की इस सराहनीय पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे जनहितकारी अभियान समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी जनों से आग्रह किया कि केवल वृक्षारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पौधों के संरक्षण का भी आजीवन संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम में रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चौहान समाज के सामाजिकजन, युवा एवं महिलाएँ बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने अत्यंत उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। अनूप चौहान, उत्तम चौहान व चौहान समाज के सभी युवा साथियों की कर्मठ अगुवाई में यह वृक्षारोपण संपन्न हुआ। उपस्थित जनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पर्यावरण संरक्षण एवं समाजहित के ऐसे कार्यक्रम अब प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
शिक्षा: समाज के सर्वांगीण विकास का मूलमंत्र
कार्यक्रम के दौरान व्याख्याता श्री गजेंद्र चौहान एवं वरिष्ठ शिक्षक श्री कुलमणि महानंदिया ने समाज के बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए उपस्थित सामाजिकजनों को जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अज्ञानता और अशिक्षा ही सभी सामाजिक बुराइयों की जड़ है। प्रत्येक परिवार को, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। एक शिक्षित बच्चा न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करता है।
मातृशक्ति की भागीदारी: आधी आबादी का सशक्तिकरण
चौहान समाज महिला प्रकोष्ठ की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती विजयलक्ष्मी चौहान ने इस अवसर पर महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक जागरूकता एवं संगठन में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी पर अपने प्रखर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास में महिलाओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में श्रीमती सुनीता चौहान, श्रीमती मीना चौहान, श्रीमती पुष्पा चौहान, श्रीमती सरिता चौहान, बिंदिया चौहान और अंबिका चौहान जैसी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि चौहान समाज प्रगतिशीलता के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है।
रक्तदान महादान: मानवता की निस्वार्थ सेवा
चौहान समाज के युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ता श्री शशिभूषण चौहान ने समाज के युवाओं से रक्तदान के प्रति जागरूक होने का भावुक आह्वान किया। उन्होंने मौके पर ही 50 युवाओं का एक ‘रक्तदाता जागरूक संगठन’ बनाने की पहल की। उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है” और समय पर किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। उन्होंने अपील की कि यदि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को रक्त की आपातकालीन आवश्यकता हो, तो वह सीधे उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकता है।
संगठन की मजबूती और ‘मैत्री भोज’
इस सफल आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप देने में अनूप चौहान, शशि चौहान, उत्तम चौहान एवं मेंदनी चौहान का विशेष योगदान रहा। वरिष्ठ समाजजन श्री प्रदीप चौहान ने अपने संबोधन में समाज की एकता, भाईचारे एवं संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया। वृक्षारोपण एवं वैचारिक कार्यक्रम के उपरांत सभी उपस्थित सामाजिकजनों के लिए ‘मैत्री भोज’ (प्रीति भोज) का आयोजन किया गया। एक पंगत में बैठकर अत्यंत प्रेम और सौहार्द के साथ भोजन ग्रहण कर समाज ने सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
”समाज के लोगों ने अपनी स्वेच्छा से सहयोग राशि एकत्रित कर यह साबित कर दिया कि यदि समाज एकजुट हो, तो किसी भी बाहरी आर्थिक सहायता के बिना बड़े से बड़े समाजहित के कार्य किए जा सकते हैं। चौहान समाज का यह कदम संपूर्ण राष्ट्र के लिए एक प्रेरणा है।”
सहयोगकर्ताओं की सूची (जनभागीदारी का अद्भुत मॉडल)
(सामाजिक कार्य एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी ने ₹200 की स्वेच्छिक सहयोग राशि एकत्रित कर समाज को एक नया संदेश दिया)
उत्तम चौहान जी
पृथ्वी चौहान जी
रवि चौहान जी
मेदनी चौहान जी
प्रदीप चौहान जी
संतोष चौहान जी
कुंदन चौहान जी
विजय चौहान जी
अनूप चौहान जी
शशि भूषण चौहान जी
गजेंद्र कुमार चौहान जी
मनोज चौहान जी
कुलमणी महानंदिया जी
आशीष चौहान जी
डॉ कार्तिक राम चौहान जी
शिव चौहान जी
कांता प्रसाद चौहान जी
बी डी चौहान जी (खरसिया)
बंशी किशोर जी (खरसिया)
बाबूलाल चौहान जी (लारा)
चंद्रहास चौहान जी (सारंगढ़)
नरेंद्र चौहान जी
विष्णु चौहान जी (घरघोड़ा)
विनोद चौहान जी (घरघोड़ा)
डोल नारायण चौहान जी
मनोज जी
श्रीमती सुनीता चौहान जी
श्रीमती मीना चौहान जी
श्रीमती पुष्पा चौहान जी
श्रीमती सरिता चौहान जी
शिक्षित चौहान जी
जुलाप चौहान जी (पप्पू)
वीरेन्द्र चौहान जी
मदन चौहान जी
मुकेश चौहान जी
मनोज चौहान जी (मिडमिडा)
नवल कनेर जी
चंद्रहास चौहान जी
संजय चौहान जी
बिंदिया चौहान जी
अंबिका चौहान जी
बलवंत चौहान जी
विनोद चौहान जी (डुमरमुडा)
मनोज चौहान (NTPC नवापारा)
चंद्रहास चौहान (सारंगढ़)
गजेंद्र चौहान (सारंगढ़)
कुलमणी महानंदीया (पुसौर)
विरेंद्र चौहान
जोगेंद्र चौहान
अनुप चौहान
यह भव्य आयोजन पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, रक्तदान एवं सामाजिक एकता के सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ। समाज की यह एकता, जनभागीदारी और सेवाभाव भविष्य में चौहान समाज की छवि, पहचान और अन्य समाजों में इसके अग्रणी स्थान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।





















