‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के तहत पहल, ग्रामीणों को अब छोटे सरकारी कामों के लिए नहीं लगानी पड़ेगी मुख्यालय की दौड़
रायगढ़। संवाददाता विनोद चौहान।
छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं और शासकीय सेवाओं को ग्रामीणों तक आसानी से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनपद पंचायत तमनार अंतर्गत ग्राम पंचायत महलोई में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के तहत ग्रामीण सचिवालय का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण सचिवालय शुरू होने से गांव के लोगों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा सहित अन्य शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार जनपद पंचायत या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे ग्रामीणों के समय, श्रम और आने-जाने में होने वाले खर्च की बचत होने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
ग्रामीण सचिवालय के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य रमेश बेहरा तथा ग्राम पंचायत महलोई की सरपंच गौरी राठिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एसडीएम प्रवीण तिवारी, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उपसंचालक पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग नीलाराम पटेल, जनपद पंचायत तमनार के सीईओ धर्मेन्द्र वैस, तहसीलदार शिवम पाण्डेय, नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्रामीणों से सीधे लिए गए आवेदन
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पंचायत सचिव, पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने ग्रामीणों से विभिन्न कार्यों के लिए आवेदन प्राप्त किए। संबंधित अधिकारियों ने प्रकरणों को दर्ज कर उनके निराकरण की प्रक्रिया भी शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।
गांव में ही समस्याओं के समाधान पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि ग्रामीण सचिवालय ग्रामीणों के लिए उपयोगी व्यवस्था साबित होगा। छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि शासन का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शासन की योजनाओं का होगा बेहतर क्रियान्वयन
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के माध्यम से विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लाभ को पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण सचिवालय को इसी दिशा में स्थानीय स्तर पर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने की व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण सचिवालय में निर्धारित दिवसों पर संबंधित विभागों के कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे, जिससे ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवेदन सीधे संबंधित कर्मचारियों के समक्ष रख सकेंगे। इससे सरकारी सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने के साथ ही कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता लाने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
गांव में ही अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता से ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को सुविधाजनक बताते हुए कहा कि सरकारी कामों के लिए दूर जाने की परेशानी कम होगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि ग्रामीण सचिवालय के नियमित संचालन से प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, आवास और रोजगार सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े कार्यों का स्थानीय स्तर पर निराकरण तेजी से हो सकेगा।
ग्रामीण सचिवालय के माध्यम से प्रशासन को गांव की चौखट तक पहुंचाने की यह पहल ग्रामीणों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





















